शनिवार, 21 नवंबर 2009

जल्द ही हम शीर्ष 10 कंपनियों में शामिल हो जाएंगे

जल्द ही हम शीर्ष 10 कंपनियों में शामिल हो जाएंगे
सवाल-जवाब : चंद्रेश निगम, इक्विटी प्रमुख, ऐक्सिस म्युचुअल फंड
मनीश कुमार मिश्र / November 20, 2009

ऐक्सिस परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी ने कुछ महीने पहले ही अपना परिचालन शुरू किया है।

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी (एएमसी) और ज्यूरिख एएमसी में वरिष्ठ फंड प्रबंधक के तौर पर काम कर चुके और इक्विटी प्रबंधन में 17 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले चंद्रेश निगम ऐक्सिस म्युचुअल फंड के इक्विटी प्रमुख हैं।

हाल ही में लॉन्च हुए ऐक्सिस इक्विटी फंड और कंपनी की भविष्य की योजनाओं पर निगम नेमनीश कुमार मिश्र से बातचीत की। पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश:

पहले से ही एएमसी के क्षेत्र में काफी भीड़-भाड़ है। आप इस क्षेत्र में खुद को किस प्रकार स्थापित करेंगे?

हमारी शुरूआत काफी प्रोत्साहक है। हां, हम इस क्षेत्र के 36वें खिलाड़ी हैं लेकिन हम उम्मीद करते हैं कि बहुत कम समय में ही निवेशकों के बीच अपना अहम स्थान बनाने में कामयाब होंगे। इसमें ऐक्सिस ब्रांड की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

बहुत कम समय में ही हम शीर्ष 10 परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों की श्रेणी में होंगे। अक्टूबर में लॉन्च किए गए दो ऋण फंड -ऐक्सिस ट्रेजरी एडवांटेज फंड और ऐक्सिस लिक्विड फंड पर काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिली है।

इस प्रतिस्पर्ध्दी बाजार में खुद को आगे बढ़ाने की आपकी क्या नीति होगी?

बाजार में खुद को स्थापित करने और आगे बढ़ने के लिए तीन चीजें जरूरी होती हैं- ब्रांड, वितरण प्रणाली और फंडों का प्रदर्शन। ब्रांड तो ऐक्सिस बैंक का है ही और ऐक्सिस बैंक की पहुंच भी काफी अच्छी है जिससे हमें वितरण में अच्छी मदद मिलेगी। ऐक्सिस ब्रांड की वजह से स्वतंत्र वितरकों की तरफ से भी अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। इसके अलावा हमारा ध्यान ग्राहकों को शिक्षित करने पर होगा।

प्रवेश प्रभार पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद आपने अपनी शुरुआत की है। वितरकों की तरफ से कैसी प्रतिक्रिया मिल रही है?

देखिए, एक बात तो तय है कि प्रवेश प्रभार बंद होने के बाद या कई नियमों में परिवर्तन किए जाने के बावजूद एक बात तो स्पष्ट है कि म्युचुअल फंड उद्योग बंद नहीं होने वाला है। वितरक भी इस बात को समझ रहे हैं और उन्होंने अपने कारोबारी मॉडल में बदलाव किया है।

अब वे कारोबार के परिमाण बढ़ाने पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। और जैसा कि मैंने कहा, ऐक्सिस ब्रांड की वजह से उनके तरफ से भी प्रतिक्रिया काफी प्रोत्साहक है।

आप टैक्स सेवर फंड भी लॉन्च करने वाले थे?

दो ऋण फंडों के बाद अभी हमने इक्विटी फंड लॉन्च किया है। उम्मीद है कि दिसंबर के अंत तक टैक्स एडवांटेज फंड भी लॉन्च कर दिया जाएगा।

ऐसा कहा जा रहा है कि छोटी प्रबंधनाधीन परिसंपत्ति वाले म्युचुअल फंडों का एकीकरण होगा। क्या आप इस तरह के अधिग्रहण पर विचार करेंगे?

हम कारोबार में है तो जाहिर है सारे विकल्प खुले हुए हैं। आपको मालूम होगा कि पहले भी कई म्युचुअल फंड कंपनियों का दूसरे में विलय हो चुका है। किसी भी कारोबार में यह सिलसिला तो चलता ही रहता है।

ऐक्सिस म्युचुअल फंड और किस तरह की योजनाएं लॉन्च करने वाला है?

हम दो प्रकार के फंड लॉन्च करेंगे। एक तो सामान्य जैसे इक्विटी फंड या टैक्स एडवांटेज फंड है। कुछ योजनाएं हमारी अनूठी होंगी जो ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जाएंगी। अगले 12 से 18 महीनों में हमारे पोर्टफोलियो में आपको सभी तरह की योजनाएं मिल जाएंगी।

आपका इक्विटी फंड अन्य विशाखित इक्विटी फंडों से किस प्रकार भिन्न है?

हमारा यह फंड प्रत्यक्ष रूप से प्रबंधित होगा और इसमें जोखिम-प्रतिफल अनुपात का हमेशा ध्यान रहेगा। हम वैसे शेयरों को पोर्टफोलियो में शामिल करेंगे जो बॉटम आउट हो चुके हैं और 12 से 18 महीनों में बेहतर प्रतिफल दे सकते हैं। हम 30-35 शेयरों का चयन करेंगे और समय-समय पर प्रदर्शन के हिसाब से इसमें बदलाव करेंगे और सबसे बेहतर शेयरों को इसमें शामिल करेंगे।

जोखिम नियंत्रण पर हमारा ध्यान अधिक होगा। हमारी नीति शेयरों में निवेश करने की नहीं कंपनियों में निवेश करने की है। हमारी कोशिश होगी कि ऐक्सिस इक्विटी फंड का प्रदर्शन सबसे बेहतर हो। हमारा अनुमान है कि पहले से वर्तमान कई वर्तमान इक्विटी फंडों की तुलना में हम ऐक्सिस इक्विटी फंड के एनफओ से अधिक राशि जुटा पाएंगे।



शुक्रवार, 4 जुलाई 2008

कम प्रीमियम के बावजूद लोकप्रिय नहीं है सावधि बीमा

मनीश कुमार मिश्र /

'जमाना तो सर यूलिप का है। इसमें बीमा के साथ-साथ निवेश का विकल्प भी है।
निवेश भी आप जितना बताएंगे उस हिसाब से शेयरों में किया जाएगा। बाजार अगले वर्ष 28,000 के स्तर तक पहुंचने की उम्मीद है। समझ लीजिए आपको 30-40 का प्रतिफल तो एक साल में मिल ही जाएगा। लेकिन सावधि बीमा पॉलिसी के मामले में परिपक्वता पर आपको कोई पैसे नहीं मिलेंगे।'
ये शब्द उस बीमा अभिकर्ता के थे जिसे सावधि बीमा की खरीदारी के लिए किसी व्यक्ति ने बुलाया था। सावधि बीमा एक विशुध्द बीमा उत्पाद है। जितने वर्षों तक के लिए आप बीमा लेते हैं उतने ही समय तक आपको प्रीमियम भी देना होता है। अवधि की समाप्ति पर आपको एन्डाउमेंट या यूलिप पॉलिसियों की तरह कोई परिपक्वता राशि नहीं मिलती है। जीवन बीमा का यह उत्पाद आपको केवल सुरक्षा उपलब्ध कराता है और सबसे सस्ता भी है। जीवन बीमा के इस महत्वपूर्ण उत्पाद की बिक्री सबसे कम होती है।
ऑप्टिमा इंश्योरेंस ब्रोकर्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल अग्रवाल कहते हैं, 'बीमा कंपनियों को सावधि बीमा योजनाओं को बेचने से कोई खास लाभ नहीं होता है। ज्यादा फायदा उन्हें यूलिप के फंड प्रबंधन से होता है और यही वजह है कि वे सावधि बीमा की बिक्री को ज्यादा प्रोत्साहित नहीं करते हैं।'
वैल्यू रिसर्च के मुख्य कार्यकारी अधिकारी धीरेन्द्र कुमार कहते हैं, 'सावधि बीमा जीवन बीमा का वास्तविक उत्पाद है। अगर अभिकर्ता यह कहते हैं कि दीर्घावधि में यह निवेश के अन्य विकल्पों की तुलना में अधिक रिटर्न देते हें तो वे गुमराह करते हैं।
वास्तव में यूलिप योजनाओं पर उन्हें प्रीमियम का 30-40 प्रतिशत तक कमीशन के तौर पर मिलता है जबकि सावधि बीमा के मामले में यह केवल 10 से 12.5 प्रतिशत होता है और सावधि बीमा(टर्र्म इंश्योरेंस) के प्रीमियम भी काफी कम होते हैं। जाहिर है कि वे यूलिप या एन्डाउमेंट पॉलिसियां बेचना ज्यादा पसंद करते हैं।'
भारतीय जीवन बीमा निगम के वरिष्ठ मंडल प्रबंधक प्रकाश चंद के विचार अलग हैं। वे कहते हैं, 'कोई भी व्यक्ति जब कहीं पैसे लगाता है तो उससे लाभ प्राप्त करना चाहता है। अगर हम ग्राहकों को टर्म इंश्योरंस पॉलिसी के फायदे भी बताते हंम तो अंत में उनका प्रश्न यही होता है -पॉलिसी की समाप्ति पर मुझे क्या मिलेगा? टर्म इंश्योंरेंस पॉलिसी के कम बिकने की वजह लोगों की ऐसी ही धारणाएं हैं।'
प्रश्न यह उठता है कि आप बीमा निवेश के उद्देश्य से ले रहे हैं या बीमा के उद्देश्य से। अगर परिवार और अर्थिक रुप से निर्भर व्यक्तियों को वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध कराने के खयाल से बीमा की खरीदारी करना चाहते हैं तो सावधि बीमा सबसे सस्ता और बढ़िया बीमा उत्पाद है।
राहुल अग्रवाल कहते हैं, 'हम वैसे लोगों को भी टर्म इंश्योरेंस लेने की सलाह देते हैं जिनके पास यूलिप है लेकिन पर्याप्त कवर नहीं है। यूलिप में उच्च कवर के लिए प्रीमियम भी अधिक देना होता है जबकि टर्म इंश्योरेंस लेकर कोई व्यक्ति यही लाभ सस्ते में पा सकता है।'
धीरेन्द्र कुमार कहते हैं, 'आप यूलिप के लिए दिए जाने वाले प्रीमियम को दो भागों में बांट दें। उसके एक छोटे हिस्से का भुगतान टर्म इंश्योरेंस के प्रीमियम के रुप में कीजिए और दूसरे हिस्से को अपनी जोखिम उठाने की क्षमता के अनुसार किसी अच्छे म्युचुअल फंड में निवेशित करें।
दीर्घावधि में यह यूलिप योजनाओं की तुलना में कई गुना फायदा दे सकता है।' राहुल अग्रवाल ने कहा, 'अगर कोई व्यक्ति 10-15 वर्ष से अधिक अवधि के लिए यूलिप में निवेश कर रहा है तो अच्छा है। लेकिन इससे कम अवधि के लिए निवेश के अन्य उत्पाद ज्यादा उपयुक्त हैं।'
विभिन्न विशेषज्ञ भी यही सलाह देते हैं कि बीमा और निवेश को अलग कर देखा जाना चाहिए और इनके लिए एक ही योजना को अपनाना बुध्दिमानी नहीं होती। जानकारों का मानना है कि टर्म इंश्योरेंस बीमा का सबसे उम्दा उत्पाद है।

courtesy: bshindi.com